बुधवार, 24 मई 2023

CSK vs GT: 2023 IPL के फाइनल में पहुंची चेन्नई सुपरकिंग्स

 


CSK vs GT: 2023 IPL के फाइनल में पहुंची चेन्नई सुपरकिंग्स

Chennai Super Kings vs Gujrat Titans: गुजरात टाइटंस को हराते ही चेन्नई सुपर किंग्स रिकॉर्ड 10वीं बार इंडियन प्रीमियर लीग के फाइनल में पहुंच गई।

महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी करिश्माई कप्तानी में चेन्नई सुपरकिंग्स को रिकॉर्ड 10वीं बार आईपीएल के फाइनल में पहुंचा दिया। 16वें सीजन में मंगलवार रात क्वालीफायर-1 में गुजरात टाइटंस को हार का मुंह देखना पड़ा। जीत के लिए जरूरी 173 रन के जवाब में डिफेंडिंग चैंपियन गुजरात 157 रन पर सिमट गई। राशिद खान (16 गेंद में 30 रन) एकबार फिर अकेले लड़ते दिखे, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला पाए। वैसे गुजरात के पास फाइनल में पहुंचने का एक मौका और है। लखनऊ सुपरजायंट्स और मुंबई इंडियंस के बीच होने वाले एलिमिनेटर के विजेता से 26 मई को गुजरात की टक्कर होगी। जीतने वाली टीम फाइनल में सीएसके से भिड़ेगी।


CSK का 10वां फाइनल
2008 में खेले गए टूर्नामेंट के ओपनिंग सीजन में चेन्नई सुपरकिंग्स को राजस्थान रॉयल्स ने फाइनल में हराया था, इसके बाद से टीम ने 2010, 2011, 2012, 2013, 2015, 2018, 2019 और 2021 में फाइनल तक जगह बनाई। नौ में से चार फाइनल जीते तो पांच बार टीम रनरअप रही।

आखिरी ओवर में आया फैसला
20वें ओवर में गुजरात को जीतने के लिए 27 रन चाहिए थे। चेन्नई की जीत यहां से तय हो चुकी थी क्योंकि खतरनाक लग रहे राशिद खान 19वें ओवर में तुषार देशपांडे का शिकार हो गए। गुजरात के लिए इन फॉर्म शुभमन गिल ने 38 गेंद में सर्वाधिक 42 रन बनाए। चेन्नई के लिए दीपक चाहर, महिश तीक्षणा और रविंद्र जडेजा ने 2-2 विकेट लिए। 14वें ओवर में धोनी का दीपक चाहर को बोलिंग पर लगाना और स्लो कटर में शुभमन गिल का शिकार करना मैच का टर्निंग पॉइंट रहा, उस वक्त तक मैच खुला हुआ था। गुजरात टाइटंस 13 ओवर में 88 रन बना चुकी थी। 42 गेंद में 85 रन की दरकार थी।

CSK के लिए गायकवाड़ रहे हीरो
टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करते हुए चेन्नई सुपरकिंग्स ने ओपनर रुतुराज गायकवाड़ (44 गेंद में 60 रन, साच चौके, एक छक्का) के बूते सात विकेट पर 172 रन बनाए। डेवोन कॉनवे (34 गेंद में 40 रन) के साथ पहले विकेट के लिए दोनों के बीच 64 गेंद में 87 रन की साझेदारी हुई। मिडिल ओवर्स में अजिंक्य रहाणे (10 गेंद में 17), अंबाती रायुडु (नौ गेंद में 17) ने निराश किया। अंत में रविंद्र जडेजा ने 16 गेंद में 22 रन बनाकर फिनिश किया। महेन्द्र सिंह धोनी से छक्के की उम्मीद लगाए प्रशंसकों को निराशा हुई। वह एक रन बनाकर मोहित का दूसरा शिकार बने। गुजरात टाइटंस के लिए मोहम्मद शमी और मोहित शर्मा ने दो-दो जबकि दर्शन नालकंडे, राशिद खान और नूर अहमद ने एक-एक विकेट लिए।

मंगलवार, 23 मई 2023

पतंजलि दंत मंजन में नॉनवेज

 


पतंजलि को मिला लीगल नोटिस, दंत मंजन में नॉनवेज मिलाने का आरोप-

आयुर्वेद और प्राकृतिक औषधियों से उत्‍पाद बनाने का दावा करने वाली कंपनी पतंजलि (Patanjali) पर बड़ा आरोप लगा है. इसे लेकर कंपनी को लीगल नोटिस भी भेजा गया है. शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि कंपनी के टूथपेस्‍ट दिव्‍य दंत मंजन (Divya Dant Manjan) में नॉनवेज चीजों का इस्‍तेमाल किया गया है. कंपनी इस पर ग्रीन लेबल लगाती है, जिसका मतलब है कि यह उत्‍पाद पूरी तरह वेजिटेरियन है.

लॉयर शाशा जैन ने पतंजलि को लीगल नोटिस भेजकर उस पर अपने वेजिटेरियन प्रोडक्‍ट में नॉनवेज का इस्‍तेमाल करने का आरोप लगाया है. टि्वटर पर अपनी चिंताओं को जाहिर करते हुए शाशा ने लिखा है कि कंपनी अपने प्रोडक्‍ट में वेजिटेरियन चीजें इस्‍तेमाल करने का दावा करती है, लेकिन उसके दिव्‍य दंत मंजन में समुद्र फेन (कटलफिश) का इस्‍तेमाल किया गया है. उन्‍होंने कंपनी से कानूनी नोटिस के जरिये स्‍पष्‍टीकरण भी मांगा है.

टि्वटर पर किया पोस्‍ट, भड़क उठे यूजर
शाशा जैन ने अपने आरोपों और लीगल नोटिस को ट्विटर पर भी पोस्‍ट किया है. उन्‍होंने लिखा- पतंजलि को लीगल नोटिस भेजा है और अपने उत्‍पाद दिव्‍य दंत मंजन में समुद्र फेन का इस्‍तेमाल किए जाने पर जवाब मांगा है, जबकि इस प्रोडक्‍ट पर कंपनी ग्रीन लेबल लगाकर बेचती है. यह उपभोक्‍ताओं के अधिकारों का हनन है. साथ ही यह पतंजलि प्रोडक्‍ट का इस्‍तेमाल करने वाले बड़ी संख्‍या में शाकाहारी उपभोक्‍ताओं की भावनाओं से भी खिलवाड़ है. उन्‍होंने लीगल नोटिस की कॉपी भी शेयर की है.

जैन ने लिखा कि जब कंपनी अपने इस प्रोडक्‍ट को वेजिटेरियन प्रोडक्‍ट बताकर इसकी मार्केटिंग करती है तो इसमें नॉनवेज चीजों का इस्‍तेमाल करना उपभोक्‍ताओं के अधिकारों का हनन है. साथ ही प्रोडक्‍ट लेबलिंग कानून का भी उल्‍लंघन है. उन्‍होंने लिखा कि मेरे परिवार, रिश्‍तेदार, कलीग और दोस्‍त सभी इस प्रोडक्‍ट का इस्‍तेमाल करते हैं और यह उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम है.

कंपनी पर लगाए गंभीर आरोप
लॉयर ने लिखा कि मैं खुद पतंजलि के कई उत्‍पादों का इस्‍तेमाल करती हूं. लेकिन, अब आपकी तरफ से स्‍पष्‍टीकरण आने तक इन उत्‍पादों को लेकर सशंकित हो गई हूं. 11 मई को भेजे इस नोटिस में कंपनी से 15 दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है. अगर कंपनी ने इस पर स्‍पष्‍टीकरण नहीं दिया तो उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी. एडवोकेट की तरफ से टि्वटर पर अपलोड कंपनी के प्रोडक्‍ट में साफ लिखा है कि उसमें समुद्र फेन (Sepia Officinalis) का इस्‍तेमाल किया गया है.

आखिर क्‍या है समुद्र फेन
समुद्र में पाई जाने वाली कटल फिश जब मर जाती है तो उसकी हड्डियां पानी में घुलकर सतह पर तैरने लगती हैं. यह एक तरह से एनीमल प्रोडक्‍ट है. जब ज्‍यादा कटल फिश की हड्डियां सतह पर आ जाती हैं तो दूर से देखने में यह झाग या फेना की तरह दिखती हैं. इसी कारण इसे समुद्र फेन कहते हैं. कई बार यह बहकर किनारे पर भी आ जाते हैं. मछुआरे इस फेन को इकट्ठा कर लेते हैं और उसे सुखाकर बेचते हैं. इसका इस्‍तेमाल पेंटिंग, स्‍कल्‍पचर और मेडिसिन में किया जाता है.

सोमवार, 22 मई 2023

क्वांट फंड क्या होता है

 


क्वांट फंड में निवेश -

क्या होती है क्वांट फंड की निवेश रणनीति?
क्वांटिटेटिव या क्वांट इन्वेस्टमेंट में बड़े पैमाने पर डेटा (जैसे वैल्युएशन, क्वालिटी, लिक्विडिटी, रिटर्न और कीमतों में बदलाव की रफ्तार) का विश्लेषण करने के लिए एल्गोरिद्म का इस्तेमाल किया जाता है। इस विश्लेषण के नतीजों के आधार पर शेयरों का चयन किया जाता है। मोटे तौर पर इसका मतलब ये है कि ट्रेड ऐतिहासिक डेटा पर आधारित होते हैं। यानी निवेश का फॉर्मूला लगभग तय होता है।

तीन वजहों से आप चुन सकते हैं क्वांट फंड, फायदे में रहेंगे

  • कम लागत: इनमें निवेश की लागत यानी एक्सपेंस रेश्यो सिर्फ 0.5% है। आम तौर पर ये अनुपात 1.25-2.50% तक होता है।
  • ज्यादा रिटर्न: क्वांट फंड्स ने तीन साल में 43.5% तक रिटर्न दिए हैं। यानी 1 लाख की पूंजी बढ़कर 1,43,500 रुपए हो गई।
  • क्लीन स्ट्रैट्जी: फंड मैनेजर न होने से फ्रंट रनिंग, इनसाइडर ट्रेडिंग जैसी गड़बड़ियां नहीं।
  • इन स्कीम्स में फंड मैनेजर की ज्यादा भूमिका नहीं
    म्यूचुअल फंड की ये स्कीम्स निवेश के लिए शेयरों का फैसला कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर के माध्यम से गणितीय आधार (एल्गोरिद्म) पर करती हैं। इनमें फंड मैनेजर की ज्यादा भूमिका नहीं होती। इस तरह पोर्टफोलियो के लिए निष्पक्ष तरीके से शेयर चुनने में मदद मिलती है।

    हाल के महीनों में मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बढ़ती स्मार्टनेस को देखते हुए इस बात की संभावना बढ़ी है कि क्वांट फंड बेहतर प्रदर्शन करेंगे। हालांकि अब भी इनका प्रदर्शन कमजोर नहीं है। 3 साल में इनका रिटर्न 44% तक रहा है।

  • कैसे काम करते हैं क्वांट फंड?
    क्वांट गणितीय मॉडल पर काम करते हैं. सही समय पर सही शेयरों की पहचान के लिए ये नाप सकने योग्य पैमानों पर निर्भर करते हैं. फंड मैनेजर का किसी शेयर या अन्य चीजों को लेकर झुकाव हो सकता है. क्वांट फंड शेयरों के चयन की प्रक्रिया में इस पहलू को पूरी तरह हटाते हैं. ये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर काम करते हैं. हर क्वांट फंड के शेयरों की पहचान करने के अपने नियम हैं. इस तरह मानवीय हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं रहती है. बने-बनाए मॉडल के अनुसार शेयर चुन लिए जाते हैं.

  • उदाहरण के लिए Reliance Quant Fund को लेते हैं. यह वैलुएशन, अर्निंग, प्राइस, मोमेंटम और क्वालिटी जैसे पैमानों के आधार पर शेयरों को चुनता है. यह एकमात्र शुद्ध क्वांट आधारित इक्विटी फंड है. DSP Mutual Fund की नई स्कीम वैल्यू, ग्रोथ और क्वालिटी के आधार पर शेयरों का चयन करेगी. Quant AMC भी क्वांट आधारित म्यूचुअल फंडों की पेशकश करती है. लेकिन, इनमें फंड मैनेजर का कुछ हस्तक्षेप होता है.

    चूंकि क्वांट फंड पूरी तरह से बने-बनाए मॉडल पर काम करते हैं. लिहाजा, इनकी सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि इस मॉडल को कितने कायदे से बनाया गया है. पहले से तय नियम इतने मजबूत होने चाहिए कि समय गुजरने के साथ इनके अच्छे नतीजे दिखाई दें.

    क्वांट फंड लॉन्च करने वाले फंड हाउस हमेशा खुद को बढ़चढ़कर दिखाते हैं. वे दावा करते हैं कि उन्होंने जो मॉडल अपनाया है वह सबसे अच्छा है. इसके लिए कभी-कभी बैक-टेस्टिंग के नतीजे दिखाई जाते हैं. इसमें हिस्टोरिकल डेटा पर वही नियम लगाए जाते है जो मॉडल में इस्तेमाल किए गए हैं. इसकी मदद से यह दिखाया जाता है कि ये मॉडल स्कीम में लगाया जाता तो वह कैसा प्रदर्शन करती. अगर देखने में आता है कि फंड ने चुने गए इंडेक्स से लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन किया है तो इसे मजबूत माना जाता है.

रिलायंस क्वांट फंड
स्कीम का 1 साल का प्रदर्शन : 3.61 फीसदी
बेंचमार्क का 1 साल का प्रदर्शन : 9.55 फीसदी

स्कीम का 3 साल का प्रदर्शन : 11.32 फीसदी
बेंचमार्क का 3 साल का प्रदर्शन : 14.69 फीसदी

स्कीम का 5 साल का प्रदर्शन : 8.14 फीसदी
बेंचमार्क का 5 साल का प्रदर्शन : 12.36 फीसदी

क्वांट टैक्स प्लान
स्कीम का 1 साल का प्रदर्शन : 9.61 फीसदी
बेंचमार्क का 1 साल का प्रदर्शन : 13.12 फीसदी

स्कीम का 3 साल का प्रदर्शन : 13.44 फीसदी
बेंचमार्क का 1 साल का प्रदर्शन : 15.52 फीसदी

स्कीम का 5 साल का प्रदर्शन : 18.62 फीसदी
बेंचमार्क का 5 साल का प्रदर्शन : 12.24 फीसदी


हालांकि, जानकार कहते हैं कि बैक-टेस्टिंग की अपनी सीमाएं हैं. पहले की स्थितियों में मॉडल भले सफल दिखे. लेकिन, इस बात की गारंटी नहीं है कि भविष्य में भी इसका प्रदर्शन अच्छा रहेगा. उदाहरण के लिए अर्निंग ग्रोथ और प्राइस मोमेंटम की तरफ झुके मॉडल ने पिछले 5-7 साल में भले ही बहुत शानदार किया हो. लेकिन, इन्हीं कारकों के बूते आने वाले वर्षों में शायद ही बहुत अच्छे रिटर्न पाया जा सकें.

शुक्रवार, 19 मई 2023

काले गेहू की असली सच्चाई


 काले गेहूं की खेती होती है, लेकिन बाकी सच्चाई भी जान


पिछले कुछ वर्षों से सोशल मीडिया में काले गेहूं को लेकर लगातार ख़बरें शेयर हो रही हैं। जिसमें ये कहा जा रहा है भारत में पहली बार काले गेहूं की खेती हो रही है और ये सामान्य गेहूं के मुकाबले न सिर्फ कई गुना महंगा बिकता है बल्कि इसमें कैंसर और डायबिटीज समेत कई बीमारियों से लड़ने की क्षमता होती है। लेकिन यह पूरा सच नहीं है। आज आप को बताते हैं, ये गेहूं कहां पैदा होता है, इसका रंग काला क्यों होता है, क्या काले रंग के अलावा भी किसी रंग का गेहूं होता है और इसके चिकित्सकीय गुण क्या हैं ? सोशल मीडिया में वायरल होने वाली इस पोस्ट में दावा किया गया था कि, सात बरसों के रिसर्च के बाद गेहूं की इस नई किस्म को पंजाब के मोहाली स्थित नैशनल एग्री फूड बायोटेक्नॉलजी इंस्टीट्यूट या नाबी ने विकसित किया है। नाबी के पास इसका पेटेंट भी है। इस गेहूं की खास बात यह है कि इसका रंग काला है। वायरल हो रही पोस्ट में कहा गया है कि काले गेहूं में कैंसर, डायबिटीज, तनाव, दिल की बीमारी और मोटापे जैसी बीमारियों की रोकथाम करने की क्षमता है।

इस दावे की जांच के लिए जब न्यूज चैनल एबीपी के प्रतिनिधि मोहाली स्थित नाबी पहुंचे तो वहां उन्होंने इस गेहूं की फसल देखी। उन्होंने पाया कि शुरू में इसकी बालियां भी आम गेहूं जैसी हरी होती हैं, पकने पर दानों का रंग काला हो जाता है। ज्यादा जानकारी के लिए जब नाबी की साइंटिस्ट और काले गेहूं की प्रोजेक्ट हेड डॉ. मोनिका गर्ग से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि नाबी ने काले के अलावा नीले और जामुनी रंग के गेहूं की किस्म भी विकसित की है। काले रंग की वजह एंथोसाएनिन इस गेहूं के अनोखे रंग के बारे में पूछने पर डॉ. गर्ग ने बताया कि फलों, सब्जियों और अनाजों के रंग उनमें मौजूद प्लांट पिगमेंट या रंजक कणों की मात्रा पर निर्भर होते हैं। काले गेहूं में एंथोसाएनिन नाम के पिगमेंट होते हैं। एंथोसाएनिन की अधिकता से फलों, सब्जियों, अनाजों का रंग नीला, बैंगनी या काला हो जाता है। एंथोसाएनिन नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट भी है। इसी वजह से यह सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। आम गेहूं में एंथोसाएनिन महज 5पीपीएम होता है, लेकिन काले गेहूं में यह 100 से 200 पीपीएम के आसपास होता है। एंथोसाएनिन के अलावा काले गेहूं में जिंक और आयरन की मात्रा में भी अंतर होता है। काले गेहूं में आम गेहूं की तुलना में 60 फीसदी आयरन ज्यादा होता है। हालांकि, प्रोटीन, स्टार्च और दूसरे पोषक तत्व समान मात्रा में होते हैं।

सेहत के लिए है फायदेमंद तब क्या काला गेहूं खाने से कैंसर, डायबिटीज जैसी बीमारियां नहीं होतीं। इस पर डॉ. गर्ग का कहना है, चूहों पर किए गए प्रयोगों में देखा गया कि ब्लड कॉलस्ट्रॉल और शुगर कम हुआ, वजन भी कम हुआ लेकिन इंसानों पर भी यह इतना ही कारगर होगा यह नहीं कहा जा सकता। पर यह तो तय है कि अपनी एंटीऑक्सीडेंट खूबियों की वजह से इंसानों के लिए भी यह फायदेमंद साबित होगा। नाबी इसके बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए कंपनियों से करार कर रहा है। कुछ वेबसाइट बेच रही हैं काले गेहूं का आटा देखने में आया है कि कुछ ई कॉमर्स वेबसाइट काले गेहूं का आटा बेच रही हैं। इसकी कीमत साइट पर 2 हजार रुपये प्रति किलो से 4 हजार रुपये प्रति किलो तक बताई गई है। साथ ही इनमें बीमारियां दूर करने वाले वे सभी दावे भी किए गए हैं जो सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं। काला चावल भी होता है गेहूं ही नहीं काला चावल भी होता है। इंडोनेशिअन ब्लैक राइस और थाई जैसमिन ब्लैक राइस इसकी दो जानीमानी वैरायटी हैं। म्यामांर और मणिपुर के बॉर्डर पर भी ब्लैक राइस या काला चावल उगाया जाता है। इसका नाम है चाक-हाओ। इसमें भी एंथोसाएनिन की मात्रा ज्यादा होती है।

Hill Station-भारत की जन्नत की शेर


 
भारत के कुछ ऐसे सस्ते हिल स्टेशन, जहां जेब में 3 हजार रुपयों से भी हो सकता है पूरा ट्रिप प्लान
बसूरत वादियों और बेहतरीन नजारों को देखने के लिए हम सबसे पहले हिल स्टेशनों का रुख करते हैं, लेकिन यहां घूमने का सबसे अहम कारण कम बजट है, जहां अगर हम जेब में 3 हजार रुपए भी रखें, तो भी बड़े आसानी से पहाड़ी जगहों का मजा ले सकते 
भारत को दुनिया के सबसे खूबसूरत देशों में गिना जाता है, जहां के खूबसूरत पहाड़, झील, बर्फीली चोटियां और मनोरम दृश्य पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं। भारत की असल खूबसूरती को देखने के लिए पर्यटक हिल स्टेशन का ही रुख रखते हैं। लेकिन यहां जाने का एक कारण ये भी है कि इस देश की पहाड़ी जगहें बेहद सस्ती हैं। अगर आप अपने जीवन में किसी पहाड़ी जगह पर गए होंगे, तो ये बात आपने खुद नोटिस की होगी कि जहां आपको किसी अच्छी जगह पर घूमने पर 10 हजार तक का खर्चा आ जाता है, वही हिल स्टेशन पर 3 से 5 हजार में सब निपट जाता है। अगर आप भी कोई सस्ती जगहें देख रहें हैं, तो चलिए आज हम आपको भारत के कुछ सस्ते हिल स्टेशनों के बारे में बताते हैं।
कसौल, हिमाचल प्रदेश - Kasaul, Himachal Pradesh
-kasaul-himachal-pradeshजमीन से 1600 फीट ऊपर स्थित एक छोटा शहर, कसौल काफी तेजी से पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। हिमाचल की ये खूबसूरत जगह पर्यटकों के लिए सबसे अधिक घूमे जाने वाले हिल स्टेशनों में से एक बन गई है। गोवा के बाद कसौल एक ऐसी जगह है, जहां दोस्तों का ग्रुप सबसे ज्यादा जाना या घूमना पसंद करते हैं। ये जगह नदी के तट पर स्थित है और शांति वाली जगहों के लिए जानी जाती है। कुल्लू के केंद्र में स्थित इस जगह पर आप ट्रैकिंग और माउंटेन क्लाइम्बिंग जैसी गतिविधियों का भी मजा ले सकते हैं।
लैंसडाउन, उत्तराखंड - Lansdowne, Uttarakhand
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चैल हिल स्टेशन, हिमाचल प्रदेश - Chail Hill Station, Himachal Pradesh
-chail-hill-station-himachal-pradesh
हिमाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए काफी प्रसिद्ध है। हिमाचल का चैल हिल स्टेशन यात्रियों के लिए एक खूबसूरत जगह होने के साथ-साथ एक सस्ता पर्यटन स्थल भी है। चैल हिल स्टेशन अपने सबसे ऊंचे क्रिकेट मैदान के लिए भी जाना जाता है। यहां आप अद्भुत वादियों का मजा कम बजट में अच्छे से उठा सकते हैं। इस छोटे से हिल स्टेशन पर सिर्फ 3 से 5 हजार के बीच आराम से घूम सकते हैं । 500 से 1 हजार रुपये में आपको होटल में एक कमरा आसानी से मिल जाएगा। अगर आप चैल जा रहे हैं तो वन्यजीव अभयारण्य, काली का टिब्बा, गुरुद्वारा साहिब, सिद्ध बाबा मंदिर, चैल का क्रिकेट ग्राउंड और चैल पैलेस की यात्रा कर सकते हैं। इसके अलावा आप चैल में लेक व्यूइंग, बोटिंग और ट्रेकिंग और पैराग्लाइडिंग का भी मजा ले सकते हैं।
अल्मोड़ा, उत्तराखंड - Almora, Uttarakhand
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उत्तराखंड में आपको कई कम बजट के पर्यटन स्थल मिल जाएंगे। हिल स्टेशन की बात करें तो अल्मोड़ा घूमने के लिए बेस्ट जगह है। राज्य के कुमाऊं की पहाड़ियों में स्थित एक छोटा सा जिला अल्मोड़ा, हिमालय पर्वत से घिरा हुआ है। दिल्ली से यहां पहुंचने के लिए करीब 350 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। अल्मोड़ा में आप बहुत कम पैसों में किसी अच्छे ट्रिप पर जा सकते हैं। यहां आपको जागेश्वर मंदिर, नंदा देवी मंदिर, कसार देवी मंदिर और स्वामी विवेकानंद मंदिर देखने को मिल जाएंगे। अल्मोड़ा में ज़ीरो पॉइंट, डियर पार्क, बिनसर वाइल्डलाइफ़ सैंक्चुअरी जैसे घूमने के लिए बेहतरीन जगहें मौजूद हैं।
ऋषिकेश, उत्तराखंड - Rishikesh, Uttarakhand
-rishikesh-uttarakhand
भीमताल, उत्तराखंड - Bhimtal, Uttarakhand
-bhimtal-uttarakhand



गुरुवार, 18 मई 2023

बुरे समय का सामना कैसे करे



सोच को हमेशा पॉजिटिव रखें-

अगर आप हमेशा अच्छा सोचते हैं तो आपको सोचने की जरूरत ही नही होगी कि बुरे समय का सामना कैसे करेंगे, क्योंकि एक अच्छी सोच किसी व्यक्ति के कार्य को नेगेटिव सोच वाले व्यक्ति से बेहतर तरीके से करता है। इसलिए हमेशा अपनी मानसिकता में अच्छी सोच रखने की कोशिश करनी चाहिए यह एक अच्छी आदत है ।

Tittle असफल होने पर कया करें- 
हर किसी के जीवन में कभी अच्छा और कभी बुरा वक्त आ ही जाता है। ऐसे समय में कुछ लोग बहुत बुरी तरह से परेशान हो जाते हैं। उनको समझ में नहीं आता कि इस बुरे समय से किस तरह निकला जाए और क्या किया जाए। आज हम आपके इस टोपिक पर चर्चा कर रहे है  आखिर बुरे वक्त का सामना कैसे करें।
इस लेख के माध्यम से हम आपको यह समझाने की कोशिश करेंगे कि आपको बुरे समय में क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। आप अपनी असफलता को कैसे सफलता में बदल सकते है और किस  तरह अपने बुरे वक्त से बाहर निकल सकते हैं। इसके बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।
हम सभी जानते हैं कि समय कभी भी किसी का भी बुरा आ सकता है, लेकिन कभी-कभी कुछ ऐसा होता है जिसकी हमने उम्मीद भी नहीं की होती, और अचानक से हमारी जिंदगी में  कुछ ऐसा हो जाता है जिसकी वजह से हम बहुत ज्यादा परेशान हो जाते हैं । 
तब हमारे पास भगवान को याद करने की सिवाय और कोई नहीं होता। हमें ऐसी स्थिति से बाहर निकलने के लिए हमें आश्वासन देने वाले तो बहुत होते हैं,  पर हमें  उससे बाहर नहीं निकाल सकते, क्योंकि सलाह देनी सबके लिए बहुत आसान है, पर बुरे वक्त का सामना करना सबसे मुश्किल है।
ऐसे समय में हम बुरी तरह से अंदर से टूट चुके होते हैं और बुरे समय बहुत ही लंबा लगने लग जाता है। बहुत सारे लोगों में जिंदगी में आने वाली समस्याओं का सामना करने की हिम्मत नहीं होती और कई बार बहुत ही गलत कदम उठा लेते हैं क्योंकि वह अंदर से कमजोर होते हैं।कुछ लोग  समझ नहीं पाते कि बुरे समय को किस तरह से सामना करें।  जिसने अपने बुरे समय या असफलता को सहन कर लिया उसने मानो पुरा जग जीत लिया।

आप सब ने एक कहावत सुनी होगी कि बुरा वक्त इसलिए भी आता है, शायद उसके बाद कुछ ज्यादा ही आपकी लाइफ में अच्छा होना होगा। भगवान ने शायद यह समस्या आपको कुछ नया करने के लिए भी दी है, फिर चाहे समस्या कितनी भी बड़ी क्यों ना हो, तो चलिए शुरू करते हैं और जानते हैं कि बुरे समय का सामना करने के लिए हमें खुद को कैसे तैयार करना होगा।
 हमारे अन्दर एक ऐसी शक्ति  है जो हमारी हर समस्या का समाधान कर सकती है।
*अपनी सोच को पॉजिटिव रखो- 
हमारी परिस्थितियां चाहे कितनी भी बुरी हो अगर आपकी सोच अच्छी और स्थिर हैं तो आप आसानी से उस बुरे समय से बाहर निकल सकते हो। सब कुछ हमारे दिमाग पर निर्भर करता है। अगर आपको लगता है कि आप इसे हल कर सकते हो तो निश्चित रूप से आप इसे समस्या से छुटकारा पा सकते हो तो यह पूरी तरह से आपके अंदर और दिमाग के ऊपर डिपेंड करता कि आप समस्या के बारे में क्या सोचते हो। अगर आपको लगता है कि यह एक बहुत बड़ी समस्या है तो वह बड़ी ही दिखेगी और अगर आपको लगता है समस्या बहुत छोटी है तो निश्चित रूप से आपको वह समस्या बहुत छोटी लगेगी , क्योंकि हमारी मानसिकता को मजबूत होना और स्थिति को संभालने का प्रयास दोनों ही हमारे अंदर हैं।

* नेगेटिव सोच से हमेशा दूर रहे -
 सबसे पहले अपने असफल होने की अपनी कमियों को ढूंढें और उन पर काम करें। कई बार हम अपनी गलतियों की वजह से ही हर बार असफल होते रहते हैं। लेकिन हम अपनी गलतियों के लिए अंजान बने रहते हैं, इसलिए अपनी सोच को कमजोर ना रखें और बुरे विचारों को छोड़कर अच्छे विचार अपने अंदर भरें, और यह सोचे कि मैं यह कर सकता हूं। इस प्रकार हम हर समस्या को अपने खुद ही बेहतर तरीके से सफल बना सकते हैं। आप सब ने यह भी सुना होगा किसी नदी को सारा दिन  देखने से पार नहीं होती चाहे आप सालों खड़े रहें ,उसको आप पानी के अन्दर जाकर ही  प्रयास करने के बाद  ही पार कर सकते हैं।
हम यहां भी केवल इसी बात पर जोर दे रहे हैं। हमारी कोई भी समस्या से सोचने से खत्म नहीं होगी। उसको काम को लग्न और जुनून से करने से होगी।
 बुरे वक्त का सामना कैसे करें आपको काम शुरु करना होगा ।आप खुद को कमजोर समझ रहे हो तो इस बात को दिल से निकाल दीजिए कि दुनिया आपसे भी कमजोर लोग हैं।
 अब्राहम लिंकन जैसे महान वयक्ति ने जीवन में बड़ी बड़ी कठिनाइयों का सामना किया है और अपने हौसले और जीद से बुरी परिस्थितियों को काबू में करके इतिहास में अपना नाम  दर्ज करवा है। इसी तरह आप भी अपनी असफलता को लेकर कभी हार मत मानिए बस सिर्फ आपके अंदर जिद और जुनून होना चाहिए फिर आपको कोई नहीं हरा सकता।
*अपने अंदर की कला को सही दिशा में लगाएं-
हर किसी के अंदर एक विशेष शक्ति शाली उर्जा होती हैं। जिससे अक्सर व्यक्ति अनजान होता है।  हर इनसान के अन्दर कुदरत ने एक विशेष कला के साथ बनाया होता है। अपने कला को निखारने और समस्या से निपटने के लिए खुद को सक्षम बनाने की जरूरत है। अपने अन्दर की  ऐसी रुचि को पहचान ले जिसमें आपका बहुत ज्यादा इंटरेस्ट हो। आपका ध्यान केंद्रित हो और जिस काम को करने में आपके मन को खुशी मिलती हो, और उस काम को करते समय  कभी भी बोरियत महसूस ना करते हो। अगर आपकी रूचि किसी ऐसे काम में है जिसको करने का आपके अंदर जुनून है, फिर उस काम को करने से कोई नहीं रोक सकता जब तक आप खुद नहीं रुकेंगे। यह आपकी  ताकत और ऊर्जा है। इसे कभी भी खोने की कोशिश ना करें और उस काम को जी जान से करें फिर सफलता आपको निश्चित ही मिलेगी।

*अपने बुरे समय में अपने अंदर आत्मविश्वास को बनाए रखें-
सुख और दुख हमारे जीवन का हिस्सा है। यह तो आते-जाते रहते हैं। जिस तरह से पेड़ पर पतझड़ होने पर पेड़  कभी सूखता नहीं, और फिर से  वह हरा भरा  हो जाता है, इसी तरह हमारे जीवन में सुख और दुख दोनों ही आते रहते हैं। जो इनसान  बहुत बुद्धिमान होगा वह बुरी स्थिति को संभाल लेगा और बिना किसी मदद के समस्या को हल करने में भी सक्षम होगा। व्यक्ति अपने जीवन में कभी सफल तो कभी  असफल तो होता ही रहता है कयोंकि इन परिस्थितियों से जूझने की शक्ति भगवान ने इंसान को ही बख्शी है पशुओं को नहीं।  इसलिए कभी भी अपने आत्मविश्वास को कम ना होने दें क्योंकि आत्मविश्वास एक ऐसी शक्ति है हमारे अंदर जो आपको सभी बुरी परिस्थितियों से लड़ने में सहायता करती है। इस शक्ति को आप अपने बुरे वक़्त में  हथियार के रूप में आजमाएं और अपने रास्ते में आने वाले सभी समस्याओं को समाप्त करें। 
*अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें-
  अपने जीवन में हर किसी का एक लक्ष्य होता है, और कुछ बनने का सपना होता है।  वह सपना तब तक सपना ही रहता जब तक आप उसको पूरा करने का प्रयास नहीं करते , इसलिए आज से अपने लक्ष्य चुने और योजना बनाएं कि आपको अपने लक्ष्य पर सफलता कैसे प्राप्त करनी हैं। अगर आपका जीवन में कुछ बनने का लक्ष्य निश्चित रूप से हैं तो हमारे अन्दर की ऊर्जा  आपको हर बार लक्ष्य की ओर धकेलेगी और आपको यह प्रगति के बारे में  बार बार याद दिलाएगी कि आपको करना क्या है, और क्या नहीं करना। लक्ष्य के बिना मनुष्य का जीवन व्यर्थ है। 
 बिना शिक्षक के छात्र जैसे बिना ड्राइवर के बस होती है उसी प्रकार है। आपके बुरे समय को दूर करने का सबसे बुद्धिमान तरीका है अपने आप अपने लक्ष्य को चुनना और यथासंभव हर तरह से प्रयास करना चाहिए। तब जाकर हम अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में समय का प्रयोग कर सकते हैं। बुरे हालतों को आप अच्छा कर सकते हैं और कोई भी समस्या दुनिया में ऐसी नहीं है जो कभी खत्म नहीं हो सकती।

*सफल व्यक्तियों की सलाह अवश्य लें-
हमारे बड़ों ने दुनिया देखी हुई है वह अनुभवी लोग होते हैं। अगर हम उनकी बातों को फॉलो करें तो निश्चित रूप से हम बहुत जल्दी ही अपनी समस्या को दूर  कर सकते हैं। दुनिया के सफल लोगों ने अपने बड़ों के सलाह ली और उनकी काम की प्रक्रियाओं की रणनीति को जीवन में प्रयोग करके जरूर देखें। इसमें कोई भी संदेह नहीं है, क्योंकि हमारे मां-बाप और बुजुर्गों को हमसे ज्यादा दुनियादारी का अनुभव है। उन्होंने अपने बाल धूप में सफेद नहीं किए कुछ जिंदगी गुजारी है और अच्छे और बुरे दोनों तरह की जिंदगी का अनुभव है। इसलिए अनुभवी लोगों की सलाह अवश्य ले। क्योंकि सलाह लेने में कभी आपका नुकसान नहीं होगा। अगर भला नहीं हुआ तो बुरा भी नहीं होगा, क्योंकि झुकता वही है जिस पेड़ पर फल लगते हैं।

*अपनी तुलना दूसरों से ना करें-
अपनी  खुद की तुलना और अपने बच्चों की तुलना कभी दूसरों से ना करें, क्योंकि तुलना हमेशा दर्द देती है। एक कहावत के अनुसार हर फल का स्वाद अलग होता है। हो सकता है जो आपके पास सपना है वह किसी और के पास ना हो, इसलिए कभी भी अपनी तुलना किसी और से ना करें क्योंकि आपके पास जो प्रतिभा है हो सकता है वह किसी और के पास ना हो। हर किसी इंसान की अपनी फितरत और अपनी पहचान होती है ।दूसरे लोगों की देखा देखी के बजाय अपने काम को पूरा करने के लिए खुद की रणनीति बनाएं। कहीं ना कहीं जब हम अपनी तुलना दूसरों से करते हैं तो हम अपनी खुद की पहचान खो देते हैं, इसलिए कभी भी अपनी तुलना दूसरे लोगों से ना करें।
 जो भी करें लोगों से हटकर करें क्योंकि दुनिया में स्टीव जॉब एक ही हो सकता है दूसरा नहीं।
* अपने आप को कभी अकेला महसूस ना करें-
जब आप कभी  बुरे समय का शिकार होते हैं तब आप बहुत पीड़ित होते हैं।  समस्या को हल करने वाले व्यक्ति की तरह प्रतिक्रिया करो। हालात को अपने ऊपर हावी मत होने दो ,कोई भी स्थिति हम से ऊपर नहीं है। क्योंकि जिस तरह रात होने के बाद दिन अवश्य होता है। उसी तरह समस्याओं का समाधान भी अवश्य आता है। हमें बस लगातार कोशिश करते रहना चाहिए। परिस्थितियां किसी भी प्रकार की हो  तो एक दिन  ठीक तो हो जाएंगी। हमेशा खुश और शांत बने रहें और परमपिता परमात्मा शिव पर विश्वास रखें। अगर उसने बुरा समय दिया है तो अच्छा भी वह अवश्य देगा, क्योंकि हो सकता है हम लुटिया लेकर खड़े हो और वह पूरा समंदर हमें देने के लिए तैयार हो। अगर उसने हमें दुनिया में भेजा है तो कुछ तो मेरे लिए भी कुछ  सोच कर ही भेजा होगा। जो हमारे लिए अच्छा सोच रखा होगा ऐसी सोच हमेशा रखें।और उस अदृश्य शक्ति पर हमेशा विश्वास रखे।
* दूसरों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए- 
जब हम किसी बुरे दौर का सामना कर रहे होते हैं तब आप दूसरों से मदद लेने के लिए ज्यादा हाथ ना फैलाएं, क्योंकि मदद देने वाला मदद तो कर सकता है, पर आप उसका जिंदगी भर एहसान नहीं उतार सकते। हम अंदर से इस तरह कमजोर हो जाते हैं और दूसरे लोगों पर निर्भर रहने लग जाते हैं। एक अच्छे इंसान का सबसे अच्छा आदत यही है जब भी अति आवश्यक हो तो ही दूसरों की मदद ले। अपनी समस्याओं को खुद हल करने का प्रयास करें इससे आप किसी के एहसान से भी बचे रहेंगे और आपका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा, क्योंकि समस्या कुछ दिन में खत्म हो सकती है पर एहसान जिंदगी भर खत्म नहीं हो सकता। इसलिए सोच समझकर ही दूसरों की मदद ले।

*योग और व्यायाम करें-
एक अच्छा इंसान ना सिर्फ अपने काम पर ध्यान देता है वह अपने स्वास्थ्य पर भी ध्यान देते हैं। क्योंकि स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है। अगर आपका स्वास्थ्य ठीक नहीं है और आपके पास धन है तो धन किसी काम का नहीं है। एक स्वस्थ इंसान के पास स्वस्थ दिमाग का होना भी बहुत जरूरी है। हम स्वस्थ रहेंगे तो तभी मुश्किलों का सामना कर पाएंगे। प्रतिदिन व्यायाम और योग करने में हमारे शरीर को ऑक्सीजन को उचित मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचती है। जो हमारे शरीर में पाचन और परिसंचरण का निर्माण करती है । शरीर का प्रतिरोध से प्रणाली को मजबूत बनाती है। जिससे हम ज्यादा दिन तक जीते हैं इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आप प्रतिदिन व्यायाम करें खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रखें।

*बुरी आदतों से बचे- 
प्रकृति का नियम है की आंखों को हर चीज अच्छी लगती है, हो सकता है वह दिखने वाली चीज  बुरी भी हो कभी-कभी जो अच्छा दिखती है। हम बुरी संगत में रहकर बुरे काम के आदी हो जाते हैं, हमें कई बार  पता भी नहीं होता कि हम क्या कर रहे हैं।  तभी हम ऐसा कोई रास्ता अपनाते हैं जिससे हम सफलता मिलते ही कई तरह की बुरी आदतों का शिकार होकर कई तरह की समस्याएं पैदा कर लेते है । हम अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिए अपनी गलतियों को सुधार करने की कोशिश करो। फिर कभी उनको दोहराने की कोशिश ना करें। हमारी कुछ बातें और गलत सोच कर काम इंसान कुछ मसाए तो खुद ही पैदा कर लेता है इंसान के पास ऐसी उर्जा है पॉजिटिव सोच जो इंसान को
जो इंसान को रंक से राजा बना  सकती है। 
एक कहावत के अनुसार समय में वो ताकत है जो कोयले धरती की अग्नि को सहन कर एक दिन हीरा बनकर चमकता  है।  इसी प्रकार यह बात हमारे जीवन पर भी लागू होती है। हमें कुछ पाने के लिए संघर्ष तो करना ही होगा, और एक दिन सफलता अवश्य मिल जाएगी। इसमें किसी भी प्रकार का शंका नहीं है।
 
*सफलता हासिल करने के लिए सबसे बड़ा मन्त्र-
 सफलता का एक और सबसे बड़ा मंत्र है जो भी काम करो नियम से करो। अगर नियम से करेंगे तो एक दिन सफलता आपके कदमो जरूर होगी। जिस प्रकार नदी कभी रूकती नहीं और अपनी मंजिल तक पहुँच  जाती है। 


सोमवार, 15 मई 2023

हर दिन है मां का दिन.....

 


हर दिन है मां का दिन:

हर दिन है मां का दिन:जन्म देने वाली माता और धरती मां के आभारी रहें और दोनों की कद्र करें आज मदर्स डे है। अपनी मां के लिए हमारे अंदर असीम प्रेम है, क्योंकि हमने अपने अस्तित्व की शुरुआत उसी के एक अंश के रूप में की है।

जन्म देने वाली माता और धरती मां के आभारी रहें 

अपनी मां के लिए हमारे अंदर असीम प्रेम है, क्योंकि हमने अपने अस्तित्व की शुरुआत उसी के एक अंश के रूप में की है। हम इस प्रेम को और कई गुना बढ़ा सकते हैं, अगर हम इसे करीब से देखें कि सृष्टि में एक भी चीज ऐसी नहीं है, जिसके बिना हमारा अस्तित्व हो सकता है। ऐसा हो सकता है अगर हम अस्तित्व की हर चीज को एक मां के रूप में देखें।

अभी आप जिस शरीर को ढो रहे हैं, यह वही शरीर नहीं है जो आपकी मां के गर्भ से बाहर आया था, वह तो पूरी तरह बदल चुका है। आज आपने अपने शरीर में जितना भी किलोग्राम बढ़ाया है, वह सब धरती मां का दिया हुआ है। मैं आपको जन्म देने वाली मां को छोटा दिखाने की कोशिश नहीं कर रहा हूं, बात सिर्फ इतनी है कि अगर आप एक आध्यात्मिक जिज्ञासु हैं तो सभी चीजों को सही नजरिये से देखना बहुत ही महत्वपूर्ण है। अगर आप अपने मन में या अपनी भावनाओं में इन चीजों को बढ़ा-चढ़ाकर देखते हैं तो आप खुद को गलत दिशा में ले जाएंगे और काफी समय बर्बाद कर लेंगे। अगर आप किसी से प्रेम करते हैं, या किसी से नफरत करते हैं तो आप चीजों को बढ़ा-चढ़ाकर देखेंगे। अगर आप किसी को पसंद करते हैं या नापसंद करते हैं तो भी आप चीजों को बढ़ा-चढ़ाकर देखते हैं।

बढ़ा-चढ़ाकर देखने का मतलब है कि जाने-अनजाने में आप सच्चाई से भाग रहे हैं। सच्चाई से भागने का मतलब है कि आप अपने खिलाफ काम कर रहे हैं। जो अपने खिलाफ हो जाता है, उसे किसी दुश्मन की जरूरत नहीं होती। इसे अपनी मदद करना कहते हैं। आपके जीवन की खूबसूरती यही है, आप पूरी तरह आत्मनिर्भर हैं।

इसलिए हम जन्म देने वाली माता और धरती मां, दोनों के आभारी हैं और दोनों की कद्र करते हैं। हम इस मां और उस मां दोनों के कारण यहां हैं। आपको अपने जीवन के हर दिन उन सभी चीजों और उन सभी लोगों की कद्र करनी चाहिए, जो आपके जीवन को वैसा बनाने में योगदान कर रहे हैं, जैसा वह आज है।

आपकी खुशहाली के लिए जो कुछ जरूरी है, उसका सृष्टा द्वारा पूरा ध्यान रखा जाता है। हर पल हर कदम यह धरती आपका साथ देती है, कभी आपके कदम रखने पर यह धरती टूट नहीं जाती। ऐसा नहीं होता कि हवा वातावरण से भाग जाए और आपकी सांस में आने से मना कर दे।

मां-बाप की तरह ये लाखों शक्तियां आपके जीवन में हर पल आपकी मदद कर रही हैं। आपने ये चीजें मांगी नहीं और आप इनके लिए कोई पैसे भी नहीं देते। यूं ही सब कुछ मिल जाता है। इसलिए प्रकृति और आपके आस-पास के लोग आपको जो कुछ भी दे रहे हैं, इन सब के लिए क्या आपको आभार में शीश नहीं झुकाना चाहिए? क्योंकि आप इन शक्तियों के सहयोग के बिना, जो वे बिना मांगे देती हैं, अपना जीवन चलाने में असमर्थ हैं।

अगर आप इस बात की कद्र नहीं करते, अगर आपने पूरी तरह अपनी चेतना खो दी है तो ऐसा इसलिए है, क्योंकि आप अपने दिमाग में चल रहे मूर्खतापूर्ण विचारों में ज्यादा व्यस्त हैं। आपके दिमाग में जो चल रहा है, वह इसलिए महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि आप अपने बारे में कुछ ज्यादा सोचते हैं।

अगर आप करीब से देखें तो सृष्टि में एक भी चीज ऐसी नहीं है, जिसके बिना आपका अस्तित्व हो सकता है। इसलिए मैं चाहता हूं कि आप हर चीज को एक मां के रूप में देखें। आज वृक्ष माता का दिन है, कल पर्वत- माता का दिन है, अगला दिन आपकी जैविक मां का दिन है। ये दिन इसलिए निर्धारित किए गए हैं, क्योंकि वैसे लोग अपनी मां के बारे में कभी नहीं सोचेंगे। संस्कृतियां इसी तरह की बन गई हैं, लेकिन अगर आप थोड़े अधिक चेतन हैं, अगर आप अपने आप को याद दिलाएं और इसे इस तरह देखें, ‘अरे, ये पेड़ मुझे ऑक्सीजन दे रहे हैं। वे हर पल मेरी मदद कर रहे हैं।’ अगर आप सभी चीजों के साथ, जहां भी आप जाते हैं, यह भावना रखें, तो आप चैतन्य हो जाएंगे।

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